97. सूरह अल-कद्र
The Power
ٱلْقَدْر

सूरह अल-कद्र

The Power
5 आयतेंमक्की

सूरह अल-कद्र (القدر, अर्थ: The Power) क़ुरआन की 97वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 5 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 598 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-कद्र की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
  1. 97:1إِنَّآ أَنزَلْنَٰهُ فِى لَيْلَةِ ٱلْقَدْرِनिःसंदेह हमने इस (क़ुरआन) को क़द्र की रात (महिमा वाली रात) में उतारा।
  2. 97:2وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِऔर आपको क्या मालूम कि क़द्र की रात क्या है?
  3. 97:3لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ خَيْرٌ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍक़द्र की रात हज़ार महीनों से उत्तम है।
  4. 97:4تَنَزَّلُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ فِيهَا بِإِذْنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمْرٍउसमें फ़रिश्ते तथा रूह (जिबरील) अपने पालनहार की अनुमति से हर आदेश के साथ उतरते हैं।
  5. 97:5سَلَٰمٌ هِىَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ ٱلْفَجْرِवह रात फ़ज्र उदय होने तक सर्वथा सलामती (शांति) है।
सूरह सुनेंMishary Alafasy