ٱلشُّعَرَاء
सूरह अश-शुआरा
The Poets
227 आयतेंमक्की
सूरह अश-शुआरा (الشعراء, अर्थ: The Poets) क़ुरआन की 26वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 227 आयतें हैं, और यह पारा 19 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 367 से शुरू होती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अश-शुआरा की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद
शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
- 26:1طسٓمٓता, सीन, मीम।
- 26:2تِلْكَ ءَايَٰتُ ٱلْكِتَٰبِ ٱلْمُبِينِये स्पष्ट किताब की आयतें हैं।
- 26:3لَعَلَّكَ بَٰخِعٌ نَّفْسَكَ أَلَّا يَكُونُوا۟ مُؤْمِنِينَशायद (ऐ रसूल!) आप अपने आपको हलाक करने वाले हैं, इसलिए कि वे ईमान नहीं लाते।
- 26:4إِن نَّشَأْ نُنَزِّلْ عَلَيْهِم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ ءَايَةً فَظَلَّتْ أَعْنَٰقُهُمْ لَهَا خَٰضِعِينَयदि हम चाहें, तो उनपर आकाश से कोई निशानी उतार दें, फिर उसके सामने उनकी गर्दनें झुकी रह जाएँ।
- 26:5وَمَا يَأْتِيهِم مِّن ذِكْرٍ مِّنَ ٱلرَّحْمَٰنِ مُحْدَثٍ إِلَّا كَانُوا۟ عَنْهُ مُعْرِضِينَऔर जब भी 'रह़मान' (अति दयावान्) की ओर से उनके पास कोई नई नसीहत आती है, तो वे उससे मुँह फेरने वाले होते हैं।
- 26:6فَقَدْ كَذَّبُوا۟ فَسَيَأْتِيهِمْ أَنۢبَٰٓؤُا۟ مَا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَअतः निःसंदेह उन्होंने झुठला दिया, तो शीघ्र ही उनके पास उस चीज़ की खबरें आ जाएँगी, जिसका वे उपहास उड़ाया करते थे।
- 26:7أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَى ٱلْأَرْضِ كَمْ أَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ كَرِيمٍऔर क्या उन्होंने धरती की ओर नहीं देखा कि हमने उसमें हर उत्तम प्रकार के कितने पौधे उगाए हैं?
- 26:8إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَनिःसंदे इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। (परंतु) उनमें से अधिकतर ईमान लाने वाले नहीं थे।
- 26:9وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُतथा निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
- 26:10وَإِذْ نَادَىٰ رَبُّكَ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱئْتِ ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَऔर जब आपके पालनहार ने मूसा को पुकारा कि उन ज़ालिम लोगों के पास जाओ।
- 26:11قَوْمَ فِرْعَوْنَ ۚ أَلَا يَتَّقُونَफ़िरऔन की जाति के पास। क्या वे डरते नहीं?
- 26:12قَالَ رَبِّ إِنِّىٓ أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِउसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मुझे डर है कि वे मुझे झुठला देंगे।
- 26:13وَيَضِيقُ صَدْرِى وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِى فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَٰرُونَऔर मेरा सीना घुटता है और मेरी ज़बान नहीं चलती, अतः हारून की ओर संदेश भेज।
- 26:14وَلَهُمْ عَلَىَّ ذَنۢبٌ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِऔर उनका मुझपर एक अपराध का आरोप है। अतः मैं डरता हूँ कि वे मुझे मार डालेंगे।
- 26:15قَالَ كَلَّا ۖ فَٱذْهَبَا بَِٔايَٰتِنَآ ۖ إِنَّا مَعَكُم مُّسْتَمِعُونَ(अल्लाह ने) फरमाया : ऐसा कभी नहीं होगा, अतः तुम दोनों हमारी निशानियों के साथ जाओ। निःसंदेह हम तुम्हारे साथ ख़ूब सुनने वाले हैं।
- 26:16فَأْتِيَا فِرْعَوْنَ فَقُولَآ إِنَّا رَسُولُ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَतो तुम दोनों फ़िरऔन के पास जाओ और कहो कि निःसंदेह हम सारे संसारों के पालनहार के संदेशवाहक हैं।
- 26:17أَنْ أَرْسِلْ مَعَنَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَकि तू बनी इसराईल को हमारे साथ भेज दे।
- 26:18قَالَ أَلَمْ نُرَبِّكَ فِينَا وَلِيدًا وَلَبِثْتَ فِينَا مِنْ عُمُرِكَ سِنِينَ(फ़िरऔन ने) कहा : क्या हमने तुझे अपने यहाँ इस हाल में नहीं पाला कि तू बच्चा था और तू हमारे बीच अपनी आयु के कई वर्ष रहा?
- 26:19وَفَعَلْتَ فَعْلَتَكَ ٱلَّتِى فَعَلْتَ وَأَنتَ مِنَ ٱلْكَٰفِرِينَऔर तूने अपना वह काम किया, जो तूने किया। और तू अकृतज्ञों में से है।
- 26:20قَالَ فَعَلْتُهَآ إِذًا وَأَنَا۠ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ(मूसा ने) कहा : मैंने उस समय वह काम इस हाल में किया कि मैं अनजानों में से था।
- 26:21فَفَرَرْتُ مِنكُمْ لَمَّا خِفْتُكُمْ فَوَهَبَ لِى رَبِّى حُكْمًا وَجَعَلَنِى مِنَ ٱلْمُرْسَلِينَफिर मैं तुम्हारे पास से भाग गया, जब मैं तुमसे डरा, तो मेरे पालनहार ने मुझे हुक्म (नुबुव्वत एवं ज्ञान) प्रदान किया और मुझे रसूलों में से बना दिया।
- 26:22وَتِلْكَ نِعْمَةٌ تَمُنُّهَا عَلَىَّ أَنْ عَبَّدتَّ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَऔर यह कोई उपकार है, जो तू मुझपर जता रहा है कि तूने बनी इसराईल काे ग़ुलाम बना रखा है।
- 26:23قَالَ فِرْعَوْنُ وَمَا رَبُّ ٱلْعَٰلَمِينَफ़िरऔन ने कहा : और 'रब्बुल-आलमीन' (सारे संसारों का पालनहार) क्या है?
- 26:24قَالَ رَبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَآ ۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ(मूसा ने) कहा : जो आकाशों और धरती का रब है और जो उनके बीच है उसका भी, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
- 26:25قَالَ لِمَنْ حَوْلَهُۥٓ أَلَا تَسْتَمِعُونَउसने अपने आस-पास के लोगों से कहा : क्या तुम सुनते नहीं?
- 26:26قَالَ رَبُّكُمْ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ(मूसा ने) कहा : जो तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।
- 26:27قَالَ إِنَّ رَسُولَكُمُ ٱلَّذِىٓ أُرْسِلَ إِلَيْكُمْ لَمَجْنُونٌ(फ़िरऔन ने) कहा : निश्चय तुम्हारा यह रसूल, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, अवश्य पागल है।
- 26:28قَالَ رَبُّ ٱلْمَشْرِقِ وَٱلْمَغْرِبِ وَمَا بَيْنَهُمَآ ۖ إِن كُنتُمْ تَعْقِلُونَ(मूसा ने) कहा : जो पूर्व तथा पश्चिम रब है और उसका भी जो उन दोनों के बीच है, अगर तुम समझते हो।
- 26:29قَالَ لَئِنِ ٱتَّخَذْتَ إِلَٰهًا غَيْرِى لَأَجْعَلَنَّكَ مِنَ ٱلْمَسْجُونِينَ(फ़िरऔन ने) कहा : निश्चय यदि तूने मेरे अलावा किसी और को पूज्य बनाया, तो मैं तुझे अवश्य ही बंदी बनाए हुए लोगों में शामिल कर दूँगा।
- 26:30قَالَ أَوَلَوْ جِئْتُكَ بِشَىْءٍ مُّبِينٍ(मूसा ने) कहा : क्या भले ही मैं तेरे पास कोई स्पष्ट चीज़ ले आऊँ?
- 26:31قَالَ فَأْتِ بِهِۦٓ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَउसने कहा : तू उसे ले आ, यदि तू सच्चे लोगों में से है।
- 26:32فَأَلْقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِىَ ثُعْبَانٌ مُّبِينٌफिर उसने अपनी लाठी फेंक दी, तो अचानक वह एक प्रत्यक्ष अजगर बन गई।
- 26:33وَنَزَعَ يَدَهُۥ فَإِذَا هِىَ بَيْضَآءُ لِلنَّٰظِرِينَतथा उसने अपना हाथ निकाला, तो एकाएक वह देखने वालों के लिए सफेद (चमकदार) था।
- 26:34قَالَ لِلْمَلَإِ حَوْلَهُۥٓ إِنَّ هَٰذَا لَسَٰحِرٌ عَلِيمٌउसने अपने आस-पास के प्रमुखों से कहा : निश्चय यह तो एक बड़ा कुशल जादूगर है।
- 26:35يُرِيدُ أَن يُخْرِجَكُم مِّنْ أَرْضِكُم بِسِحْرِهِۦ فَمَاذَا تَأْمُرُونَजो चाहता है कि अपने जादू के साथ तुम्हें तुम्हारी धरती से निकाल दे। तो तुम क्या आदेश देते हो?
- 26:36قَالُوٓا۟ أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَٱبْعَثْ فِى ٱلْمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَउन्होंने कहा : इसके तथा इसके भाई को मोहलत दें और नगरों में (लोगों को) जमा करने वालों को भेज दें।
- 26:37يَأْتُوكَ بِكُلِّ سَحَّارٍ عَلِيمٍकि वे तेरे पास हर बड़ा जादूगर ले आएँ, जो जादू में बहुत कुशल हो।
- 26:38فَجُمِعَ ٱلسَّحَرَةُ لِمِيقَٰتِ يَوْمٍ مَّعْلُومٍतो जादूगर एक निश्चित दिन के नियत समय पर इकट्ठा कर लिए गए।
- 26:39وَقِيلَ لِلنَّاسِ هَلْ أَنتُم مُّجْتَمِعُونَतथा लोगों से कहा गया : क्या तुम एकत्र होने वाले हो?
- 26:40لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ ٱلسَّحَرَةَ إِن كَانُوا۟ هُمُ ٱلْغَٰلِبِينَशायद हम इन जादूगरों के अनुयायी बन जाएँ, यदि वही विजयी हों।
- 26:41فَلَمَّا جَآءَ ٱلسَّحَرَةُ قَالُوا۟ لِفِرْعَوْنَ أَئِنَّ لَنَا لَأَجْرًا إِن كُنَّا نَحْنُ ٱلْغَٰلِبِينَफिर जब जादूगर आ गए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा : क्या सचमुच हमें कुछ पुरस्कार मिलेगा, यदि हम ही प्रभावी रहे?
- 26:42قَالَ نَعَمْ وَإِنَّكُمْ إِذًا لَّمِنَ ٱلْمُقَرَّبِينَउसने कहा : हाँ! और निश्चय तुम उस समय निकटवर्तियों में से हो जाओगे ।
- 26:43قَالَ لَهُم مُّوسَىٰٓ أَلْقُوا۟ مَآ أَنتُم مُّلْقُونَमूसा ने उनसे कहा : फेंको, जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।
- 26:44فَأَلْقَوْا۟ حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا۟ بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ إِنَّا لَنَحْنُ ٱلْغَٰلِبُونَतो उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंकीं और कहा : फ़िरऔन के प्रभुत्व की सौगंध! निःसंदेह हम, निश्चय हम ही विजयी रहेंगे।
- 26:45فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِىَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَफिर मूसा ने अपनी लाठी फेंकी, तो एकाएक वह उन चीज़ों को निगल रही थी, जो वे झूठ बना रहे थे।
- 26:46فَأُلْقِىَ ٱلسَّحَرَةُ سَٰجِدِينَइसपर जादूगर सजदा करते हुए गिर गए।
- 26:47قَالُوٓا۟ ءَامَنَّا بِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَउन्होंने कहा : हम सारे संसारों के पालनहार पर ईमान ले आए।
- 26:48رَبِّ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَमूसा तथा हारून के पालनहार पर।
- 26:49قَالَ ءَامَنتُمْ لَهُۥ قَبْلَ أَنْ ءَاذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّهُۥ لَكَبِيرُكُمُ ٱلَّذِى عَلَّمَكُمُ ٱلسِّحْرَ فَلَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ۚ لَأُقَطِّعَنَّ أَيْدِيَكُمْ وَأَرْجُلَكُم مِّنْ خِلَٰفٍ وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ أَجْمَعِينَ(फ़िरऔन ने) कहा : तुम उसपर ईमान ले आए, इससे पहले कि मैं तुम्हें अनुमति दूँ? निःसंदेह यह अवश्य तुम्हारा बड़ा (गुरू) है, जिसने तुम्हें जादू सिखाया है। अतः निश्चय तुम जल्दी जान लोगे। मैं अवश्य तुम्हारे हाथ और तुम्हारे पाँव विपरीत दिशा से काट दूँगा तथा निश्चय तुम सभी को अवश्य बुरी तरह सूली पर चढ़ा दूँगा।
- 26:50قَالُوا۟ لَا ضَيْرَ ۖ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَउन्होंने कहा : कोई नुक़सान नहीं, निश्चित रूप से हम अपने पालनहार की ओर पलटने वाले हैं।
- 26:51إِنَّا نَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لَنَا رَبُّنَا خَطَٰيَٰنَآ أَن كُنَّآ أَوَّلَ ٱلْمُؤْمِنِينَहम आशा रखते हैं कि हमारा पालनहार हमारे लिए, हमारे पापों को क्षमा कर देगा, इस कारण कि हम सबसे पहले ईमान लाने वाले हैं।
- 26:52۞ وَأَوْحَيْنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنْ أَسْرِ بِعِبَادِىٓ إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَऔर हमने मूसा की ओर वह़्य की कि मेरे बंदों को लेकर रातों-रात निकल जा। निश्चय ही तुम्हारा पीछा किया जाएगा।
- 26:53فَأَرْسَلَ فِرْعَوْنُ فِى ٱلْمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَतो फ़िरऔन ने नगरों में (सेना) एकत्र करने वालों को भेज दिया।
- 26:54إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ لَشِرْذِمَةٌ قَلِيلُونَकि निःसंदेह ये लोग एक छोटा-सा समूह हैं।
- 26:55وَإِنَّهُمْ لَنَا لَغَآئِظُونَऔर निःसंदेह ये हमें निश्चित रूप से गुस्सा दिलाने वाले हैं।
- 26:56وَإِنَّا لَجَمِيعٌ حَٰذِرُونَऔर निश्चय ही हम सब चौकन्ना रहने वाले हैं।
- 26:57فَأَخْرَجْنَٰهُم مِّن جَنَّٰتٍ وَعُيُونٍइस तरह हमने उन्हें बाग़ों और सोतों से निकाल दिया।
- 26:58وَكُنُوزٍ وَمَقَامٍ كَرِيمٍतथा ख़ज़ानों और उत्तम आवासों से।
- 26:59كَذَٰلِكَ وَأَوْرَثْنَٰهَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَऐसा ही हुआ और हमने उनका वारिस बनी इसराईल को बना दिया।
- 26:60فَأَتْبَعُوهُم مُّشْرِقِينَतो उन्होंने सूर्योदय के समय उनका पीछा किया।
- 26:61فَلَمَّا تَرَٰٓءَا ٱلْجَمْعَانِ قَالَ أَصْحَٰبُ مُوسَىٰٓ إِنَّا لَمُدْرَكُونَफिर जब दोनों गिरोहों ने एक-दूसरे को देखा, तो मूसा के साथियों ने कहा : निःसंदेह हम निश्चय ही पकड़े जाने[12) वाले हैं।
- 26:62قَالَ كَلَّآ ۖ إِنَّ مَعِىَ رَبِّى سَيَهْدِينِ(मूसा ने) कहा : हरगिज़ नहीं! निश्चय मेरे साथ मेरा पालनहार है। वह अवश्य मेरा मार्गदर्शन करेगा।
- 26:63فَأَوْحَيْنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱضْرِب بِّعَصَاكَ ٱلْبَحْرَ ۖ فَٱنفَلَقَ فَكَانَ كُلُّ فِرْقٍ كَٱلطَّوْدِ ٱلْعَظِيمِतो हमने मूसा की ओर वह़्य की कि अपनी लाठी को सागर पर मारो। (उसने लाठी मारी) तो वह फट गया और हर टुकड़ा बड़े पहाड़ की तरह हो गया।
- 26:64وَأَزْلَفْنَا ثَمَّ ٱلَْٔاخَرِينَतथा वहीं हम दूसरों को निकट ले आए।
- 26:65وَأَنجَيْنَا مُوسَىٰ وَمَن مَّعَهُۥٓ أَجْمَعِينَऔर हमने मूसा को और जो उसके साथ थे, सबको बचा लिया।
- 26:66ثُمَّ أَغْرَقْنَا ٱلَْٔاخَرِينَफिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
- 26:67إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَनिःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
- 26:68وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُऔर निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् हैl
- 26:69وَٱتْلُ عَلَيْهِمْ نَبَأَ إِبْرَٰهِيمَतथा आप उन्हें इबराहीम का समाचार सुनाएँ।
- 26:70إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوْمِهِۦ مَا تَعْبُدُونَजब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : तुम किसकी पूजा करते हो?
- 26:71قَالُوا۟ نَعْبُدُ أَصْنَامًا فَنَظَلُّ لَهَا عَٰكِفِينَउन्होंने कहा : हम कुछ मूर्तियों की पूजा करते हैं, इसलिए उन्हीं की सेवा में लगे रहते हैं।
- 26:72قَالَ هَلْ يَسْمَعُونَكُمْ إِذْ تَدْعُونَउसने कहा : क्या वे तुम्हें सुनते हैं, जब तुम (उन्हें) पुकारते हो?
- 26:73أَوْ يَنفَعُونَكُمْ أَوْ يَضُرُّونَया तुम्हें लाभ देते हैं, या हानि पहुँचाते हैं?
- 26:74قَالُوا۟ بَلْ وَجَدْنَآ ءَابَآءَنَا كَذَٰلِكَ يَفْعَلُونَउन्होंने कहा : बल्कि हमने अपने बाप-दादा को पाया कि वे ऐसा ही करते थे।
- 26:75قَالَ أَفَرَءَيْتُم مَّا كُنتُمْ تَعْبُدُونَउसने कहा : तो क्या तुमने देखा कि जिनको तुम पूजते रहे।
- 26:76أَنتُمْ وَءَابَآؤُكُمُ ٱلْأَقْدَمُونَतुम तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा?
- 26:77فَإِنَّهُمْ عَدُوٌّ لِّىٓ إِلَّا رَبَّ ٱلْعَٰلَمِينَसो निःसंदेह वे मेरे शत्रु हैं, सिवाय सारे संसारों के पालनहार के।
- 26:78ٱلَّذِى خَلَقَنِى فَهُوَ يَهْدِينِवह जिसने मुझे पैदा किया, फिर वही मेरा मार्गदर्शन करता है।
- 26:79وَٱلَّذِى هُوَ يُطْعِمُنِى وَيَسْقِينِऔर वही जो मुझे खिलाता है और मुझे पिलाता है।
- 26:80وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِऔर जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।
- 26:81وَٱلَّذِى يُمِيتُنِى ثُمَّ يُحْيِينِतथा वह जो मुझे मारेगा, फिर मुझे जीवित करेगा।
- 26:82وَٱلَّذِىٓ أَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لِى خَطِيَٓٔتِى يَوْمَ ٱلدِّينِतथा वह, जिससे मैं आशा रखता हूँ कि वह बदले के दिन मेरे पाप क्षमा कर देगा।
- 26:83رَبِّ هَبْ لِى حُكْمًا وَأَلْحِقْنِى بِٱلصَّٰلِحِينَऐ मेरे पालनहार! मुझे हुक्म (धर्म का ज्ञान) प्रदान कर और मुझे नेक लोगों के साथ मिला।
- 26:84وَٱجْعَل لِّى لِسَانَ صِدْقٍ فِى ٱلَْٔاخِرِينَऔर बाद में आने वालों में मुझे सच्ची ख्याति प्रदान कर।
- 26:85وَٱجْعَلْنِى مِن وَرَثَةِ جَنَّةِ ٱلنَّعِيمِऔर मुझे नेमतों वाली जन्नत के वारिसों में से बना दे।
- 26:86وَٱغْفِرْ لِأَبِىٓ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلضَّآلِّينَतथा मेरे बाप को क्षमा कर दे। निश्चय वह गुमराहों में से था।
- 26:87وَلَا تُخْزِنِى يَوْمَ يُبْعَثُونَतथा मुझे रुसवा न कर, जिस दिन लोग उठाए जाएँगे।
- 26:88يَوْمَ لَا يَنفَعُ مَالٌ وَلَا بَنُونَजिस दिन न कोई धन लाभ देगा और न बेटे।
- 26:89إِلَّا مَنْ أَتَى ٱللَّهَ بِقَلْبٍ سَلِيمٍपरंतु जो अल्लाह के पास पाक-साफ़ दिल लेकर आया।
- 26:90وَأُزْلِفَتِ ٱلْجَنَّةُ لِلْمُتَّقِينَऔर (अपने रब से) डरने वालों के लिए जन्नत निकट लाई जाएगी।
- 26:91وَبُرِّزَتِ ٱلْجَحِيمُ لِلْغَاوِينَतथा पथभ्रष्ट लोगों के लिए भड़कती आग प्रकट कर दी जाएगी।
- 26:92وَقِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تَعْبُدُونَतथा उनसे कहा जाएगा : कहाँ हैं वे, जिन्हें तुम पूजते थे?
- 26:93مِن دُونِ ٱللَّهِ هَلْ يَنصُرُونَكُمْ أَوْ يَنتَصِرُونَअल्लाह के सिवा। क्या वे तुम्हारी मदद करते हैं, या अपनी रक्षा करते हैं?
- 26:94فَكُبْكِبُوا۟ فِيهَا هُمْ وَٱلْغَاوُۥنَफिर वे और सब पथभ्रष्ट लोग उसमें औंधे मुँह फेंक दिए जाएँगे।
- 26:95وَجُنُودُ إِبْلِيسَ أَجْمَعُونَऔर इबलीस की समस्त सेनाएँ भी।
- 26:96قَالُوا۟ وَهُمْ فِيهَا يَخْتَصِمُونَवे उसमें आपस में झगड़ते हुए कहेंगे :
- 26:97تَٱللَّهِ إِن كُنَّا لَفِى ضَلَٰلٍ مُّبِينٍअल्लाह की क़सम! निःसंदेह हम निश्चय खुली गुमराही में थे।
- 26:98إِذْ نُسَوِّيكُم بِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَजब हम तुम्हें सारे संसारों के पालनहार के बराबर ठहराते थे।
- 26:99وَمَآ أَضَلَّنَآ إِلَّا ٱلْمُجْرِمُونَऔर हमें तो सिर्फ़ इन अपराधियों ने गुमराह किया।
- 26:100فَمَا لَنَا مِن شَٰفِعِينَअब न हमारे लिए कोई सिफारिश करने वाले हैं।
- 26:101وَلَا صَدِيقٍ حَمِيمٍऔर न कोई घनिष्ट मित्र।
- 26:102فَلَوْ أَنَّ لَنَا كَرَّةً فَنَكُونَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَतो यदि वास्तव में हमारे लिए वापस जाने का अवसर होता, तो हम ईमानवालों में से हो जाते।
- 26:103إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَनिःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
- 26:104وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُऔर निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् हैl
- 26:105كَذَّبَتْ قَوْمُ نُوحٍ ٱلْمُرْسَلِينَनूह़ की जाति ने रसूलों को झुठलाया।
- 26:106إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَजब उनसे उनके भाई नूह़ ने कहा : क्या तुम डरते नहीं?
- 26:107إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌनिःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
- 26:108فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
- 26:109وَمَآ أَسَْٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَमैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
- 26:110فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
- 26:111۞ قَالُوٓا۟ أَنُؤْمِنُ لَكَ وَٱتَّبَعَكَ ٱلْأَرْذَلُونَउन्होंने कहा : क्या हम तुझपर ईमान ले आएँ, जबकि तेरे पीछे चलने वाले अत्यंत नीच लोग हैं?
- 26:112قَالَ وَمَا عِلْمِى بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ(नूह़ ने) कहा : मूझे क्या मालूम कि वे क्या कर्म करते रहे हैं?
- 26:113إِنْ حِسَابُهُمْ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّى ۖ لَوْ تَشْعُرُونَउनका ह़िसाब तो मेरे पालनहार ही के ज़िम्मे है, यदि तुम समझो।
- 26:114وَمَآ أَنَا۠ بِطَارِدِ ٱلْمُؤْمِنِينَऔर मैं ईमान वालों को धुतकारने वाला नहीं हूँ।
- 26:115إِنْ أَنَا۠ إِلَّا نَذِيرٌ مُّبِينٌमैं तो बस एक खुला डराने वाला हूँ
- 26:116قَالُوا۟ لَئِن لَّمْ تَنتَهِ يَٰنُوحُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمَرْجُومِينَउन्होंने कहा : ऐ नूह़! यदि तू बाज़ नहीं आया, तो अवश्य संगसार किए गए लोगों में से हो जाएगा।
- 26:117قَالَ رَبِّ إِنَّ قَوْمِى كَذَّبُونِउसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मेरी जाति ने मुझे झुठला दिया!
- 26:118فَٱفْتَحْ بَيْنِى وَبَيْنَهُمْ فَتْحًا وَنَجِّنِى وَمَن مَّعِىَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَअतः तू मेरे और उनके बीच दो-टूक निर्णय कर दे, तथा मुझे और जो ईमानवाले मेरे साथ हैं, उन्हें बचा ले।
- 26:119فَأَنجَيْنَٰهُ وَمَن مَّعَهُۥ فِى ٱلْفُلْكِ ٱلْمَشْحُونِतो हमने उसे और उन लोगों को जो उसके साथ भरी हुई नाव में थे, बचा लिया।
- 26:120ثُمَّ أَغْرَقْنَا بَعْدُ ٱلْبَاقِينَफिर उसके बाद शेष लोगों को डुबो दिया।
- 26:121إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَनिःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
- 26:122وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُऔर निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
- 26:123كَذَّبَتْ عَادٌ ٱلْمُرْسَلِينَआद ने रसूलों को झुठलाया।
- 26:124إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَजब उनसे उनके भाई हूद ने कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
- 26:125إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌनिःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
- 26:126فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
- 26:127وَمَآ أَسَْٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَमैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
- 26:128أَتَبْنُونَ بِكُلِّ رِيعٍ ءَايَةً تَعْبَثُونَक्या तुम हर ऊँचे स्थान पर एक स्मारक बनाते हो? इस स्थिति में कि व्यर्थ कार्य करते हो।
- 26:129وَتَتَّخِذُونَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمْ تَخْلُدُونَतथा बड़े-बड़े भवन बनाते हो, शायद कि तुम सदा जीवित रहोगे।
- 26:130وَإِذَا بَطَشْتُم بَطَشْتُمْ جَبَّارِينَऔर जब तुम पकड़ते हो, तो बड़ी निर्दयता से पकड़ते हो।
- 26:131فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः अल्लाह से डरो और जो मैं कहता हूँ, उसे मानो।
- 26:132وَٱتَّقُوا۟ ٱلَّذِىٓ أَمَدَّكُم بِمَا تَعْلَمُونَतथा उससे डरो जिसने उन चीज़ों से तुम्हारी मदद की, जिन्हें तुम जानते हो।
- 26:133أَمَدَّكُم بِأَنْعَٰمٍ وَبَنِينَउसने चौपायों और बेटों से तुम्हारी मदद की।
- 26:134وَجَنَّٰتٍ وَعُيُونٍतथा बाग़ों और जल स्रोताें से।
- 26:135إِنِّىٓ أَخَافُ عَلَيْكُمْ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍनिश्चय ही मैं तुमपर एक बड़े दिन की यातना से डरता हूँ।
- 26:136قَالُوا۟ سَوَآءٌ عَلَيْنَآ أَوَعَظْتَ أَمْ لَمْ تَكُن مِّنَ ٱلْوَٰعِظِينَउन्होंने कहा : हमारे लिए बराबर है कि तू नसीहत करे, या नसीहत करने वालों में से हो।
- 26:137إِنْ هَٰذَآ إِلَّا خُلُقُ ٱلْأَوَّلِينَयह तो केवल पहले लोगों की आदत है।
- 26:138وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَऔर हम निश्चित रूप से दंडित नहीं होंगे।
- 26:139فَكَذَّبُوهُ فَأَهْلَكْنَٰهُمْ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَतो उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर लोग ईमानवाले नहीं थे।
- 26:140وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُतथा निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
- 26:141كَذَّبَتْ ثَمُودُ ٱلْمُرْسَلِينَसमूद ने रसूलों को झुठलाया।
- 26:142إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ صَٰلِحٌ أَلَا تَتَّقُونَजब उनसे उनके भाई सालेह़ ने कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
- 26:143إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌनिःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
- 26:144فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः अल्लाह से डरो और जो मैं कहता हूँ, उसका पालन करो।
- 26:145وَمَآ أَسَْٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَमैं इसपर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
- 26:146أَتُتْرَكُونَ فِى مَا هَٰهُنَآ ءَامِنِينَक्या तुम उन चीज़ों में जो यहाँ हैं, निश्चिंत छोड़ दिए जाओगे?
- 26:147فِى جَنَّٰتٍ وَعُيُونٍबाग़ों तथा स्रोतों में।
- 26:148وَزُرُوعٍ وَنَخْلٍ طَلْعُهَا هَضِيمٌतथा खेतों और खजूर के पेड़ों में, जिनके फल मुलायम और पके हुए हैं।
- 26:149وَتَنْحِتُونَ مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًا فَٰرِهِينَतथा तुम पर्वतों को काटकर बड़ी निपुणता के साथ घर बनाते हो।
- 26:150فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः अल्लाह से डरो और मेरा आज्ञापालन करो।
- 26:151وَلَا تُطِيعُوٓا۟ أَمْرَ ٱلْمُسْرِفِينَऔर हद से आगे बढ़ने वालों का हुक्म न मानो।
- 26:152ٱلَّذِينَ يُفْسِدُونَ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَا يُصْلِحُونَजो धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं और सुधार नहीं करते।
- 26:153قَالُوٓا۟ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلْمُسَحَّرِينَउन्होंने कहा : निःसंदेह तू उन लोगों में से है जिनपर प्रबल जादू किया गया है।
- 26:154مَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا فَأْتِ بَِٔايَةٍ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَतू तो बस हमारे ही जैसा एक मनुष्य है। अतः कोई निशानी ले आ, यदि तू सच्चों में से है।
- 26:155قَالَ هَٰذِهِۦ نَاقَةٌ لَّهَا شِرْبٌ وَلَكُمْ شِرْبُ يَوْمٍ مَّعْلُومٍउसने कहा : यह एक ऊँटनी है। इसके लिए पानी पीने की एक बारी है और तुम्हारे लिए एक निश्चित दिन पानी पीने की बारी है।
- 26:156وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٍ فَيَأْخُذَكُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَظِيمٍतथा उसे किसी बुराई से हाथ न लगाना, अन्यथा तुम्हें एक बड़े दिन की यातना पकड़ लेगी।
- 26:157فَعَقَرُوهَا فَأَصْبَحُوا۟ نَٰدِمِينَतो उन्होंने उसकी कूँचें काट दीं, फिर पछताने वाले हो गए।
- 26:158فَأَخَذَهُمُ ٱلْعَذَابُ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَतो उन्हें यातना ने पकड़ लिया। निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
- 26:159وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُऔर निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
- 26:160كَذَّبَتْ قَوْمُ لُوطٍ ٱلْمُرْسَلِينَलूत की जाति ने रसूलों को झुठलाया।
- 26:161إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَजब उनके भाई लूत ने उनसे कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
- 26:162إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌनिःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
- 26:163فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
- 26:164وَمَآ أَسَْٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَमैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
- 26:165أَتَأْتُونَ ٱلذُّكْرَانَ مِنَ ٱلْعَٰلَمِينَक्या सभी संसारों में से तुम पुरुषों के पास आते हो।
- 26:166وَتَذَرُونَ مَا خَلَقَ لَكُمْ رَبُّكُم مِّنْ أَزْوَٰجِكُم ۚ بَلْ أَنتُمْ قَوْمٌ عَادُونَतथा उन्हें छोड़ देते हो, जो तुम्हारे पालनहार ने तुम्हारे लिए तुम्हारी पत्नियाँ पैदा की हैं। बल्कि तुम हद से आगे बढ़ने वाले लोग हो।
- 26:167قَالُوا۟ لَئِن لَّمْ تَنتَهِ يَٰلُوطُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُخْرَجِينَउन्होंने कहा : ऐ लूत! निःसंदेह यदि तू नहीं रुका, तो निश्चित रूप से तू अवश्य निष्कासित लोगों में से हो जाएगा।
- 26:168قَالَ إِنِّى لِعَمَلِكُم مِّنَ ٱلْقَالِينَउसने कहा : निःसंदेह मैं तुम्हारे काम से सख़्त घृणा करने वालों में से हूँ।
- 26:169رَبِّ نَجِّنِى وَأَهْلِى مِمَّا يَعْمَلُونَऐ मेरे पालनहार! मुझे तथा मेरे घर वालों को उससे बचा ले, जो ये करते हैं।
- 26:170فَنَجَّيْنَٰهُ وَأَهْلَهُۥٓ أَجْمَعِينَतो हमने उसे और उसके सभी घर वालों को बचा लिया।
- 26:171إِلَّا عَجُوزًا فِى ٱلْغَٰبِرِينَसिवाय एक बुढ़िया के, जो पीछे रहने वालों में से थी।
- 26:172ثُمَّ دَمَّرْنَا ٱلَْٔاخَرِينَफिर हमने दूसरों को विनष्ट कर दिया।
- 26:173وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِم مَّطَرًا ۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلْمُنذَرِينَऔर हमने उनपर ज़ोरदार बारिश बरसाई। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें डराया गया था।
- 26:174إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَनिःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
- 26:175وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُऔर निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
- 26:176كَذَّبَ أَصْحَٰبُ لَْٔيْكَةِ ٱلْمُرْسَلِينَऐका वालों ने रसूलों को झुठलाया।
- 26:177إِذْ قَالَ لَهُمْ شُعَيْبٌ أَلَا تَتَّقُونَजब उनसे शुऐब ने कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
- 26:178إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌनिःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
- 26:179فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِअतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
- 26:180وَمَآ أَسَْٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَमैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
- 26:181۞ أَوْفُوا۟ ٱلْكَيْلَ وَلَا تَكُونُوا۟ مِنَ ٱلْمُخْسِرِينَनाप पूरा दो और कम देने वालों में से न बनो।
- 26:182وَزِنُوا۟ بِٱلْقِسْطَاسِ ٱلْمُسْتَقِيمِऔर सीधे तराज़ू से तोलो।
- 26:183وَلَا تَبْخَسُوا۟ ٱلنَّاسَ أَشْيَآءَهُمْ وَلَا تَعْثَوْا۟ فِى ٱلْأَرْضِ مُفْسِدِينَऔर लाेगों को उनका सामान कम न दो। और धरती में उपद्रव फैलाते मत फिरो।
- 26:184وَٱتَّقُوا۟ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ وَٱلْجِبِلَّةَ ٱلْأَوَّلِينَऔर उससे डरो, जिसने तुम्हें तथा पहले लोगों को पैदा किया है।
- 26:185قَالُوٓا۟ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلْمُسَحَّرِينَउन्होंने कहा : निःसंदेह तू तो उन लोगों में से है जिनपर ताक़तवर जादू किया गया है।
- 26:186وَمَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ ٱلْكَٰذِبِينَऔर तू तो बस हमारे ही जैसा एक मनुष्य है और निःसंदेह हम तो तुझे झूठों में से समझते हैं।
- 26:187فَأَسْقِطْ عَلَيْنَا كِسَفًا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَतो हम पर आसमान से कुछ टुकड़े गिरा दे, यदि तू सच्चों में से है।
- 26:188قَالَ رَبِّىٓ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَउसने कहा : मेरा पालनहार अधिक जानने वाला है जो कुछ तुम कर रहे हो।
- 26:189فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمْ عَذَابُ يَوْمِ ٱلظُّلَّةِ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍचुनाँचे उन्होंने उसे झुठला दिया। तो उन्हें छाया के दिन की यातना ने पकड़ लिया। निश्चय वह एक बड़े दिन की यातना थी।
- 26:190إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لََٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَनिःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
- 26:191وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُऔर निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
- 26:192وَإِنَّهُۥ لَتَنزِيلُ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَतथा निःसंदेह, यह (क़ुरआन) निश्चय सारे संसारों के पालनहार का उतारा हुआ है।
- 26:193نَزَلَ بِهِ ٱلرُّوحُ ٱلْأَمِينُइसे रूह़ुल-अमीन (अत्यंत विश्वसनीय फ़रिश्ता) लेकर उतरा है।
- 26:194عَلَىٰ قَلْبِكَ لِتَكُونَ مِنَ ٱلْمُنذِرِينَआपके दिल पर, ताकि आप सावधान करने वालों में से हो जाएँ।
- 26:195بِلِسَانٍ عَرَبِىٍّ مُّبِينٍस्पष्ट अरबी भाषा में।
- 26:196وَإِنَّهُۥ لَفِى زُبُرِ ٱلْأَوَّلِينَतथा निःसंदेह यह निश्चित रूप से पहले लोगों की पुस्तकों में मौजूद है।
- 26:197أَوَلَمْ يَكُن لَّهُمْ ءَايَةً أَن يَعْلَمَهُۥ عُلَمَٰٓؤُا۟ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَक्या उनके लिए यह एक निशानी न थी है कि इसे बनी इसराईल के विद्वान जानते हैं।
- 26:198وَلَوْ نَزَّلْنَٰهُ عَلَىٰ بَعْضِ ٱلْأَعْجَمِينَऔर यदि हम इसे ग़ैर-अरब लोगों में से किसी पर उतार देते।
- 26:199فَقَرَأَهُۥ عَلَيْهِم مَّا كَانُوا۟ بِهِۦ مُؤْمِنِينَफिर वह इसे उनके सामने पढ़ता, तो भी वे उसपर ईमान लाने वाले न होते।
- 26:200كَذَٰلِكَ سَلَكْنَٰهُ فِى قُلُوبِ ٱلْمُجْرِمِينَइसी प्रकार हमने इसे अपराधियों के हृदयों में प्रवेश कर दिया।
- 26:201لَا يُؤْمِنُونَ بِهِۦ حَتَّىٰ يَرَوُا۟ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَवे उसपर ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि वे दर्दनाक यातना देख लें।
- 26:202فَيَأْتِيَهُم بَغْتَةً وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَतो वह उनपर अचानक आ पड़े और वे सोचते भी न हों।
- 26:203فَيَقُولُوا۟ هَلْ نَحْنُ مُنظَرُونَफिर वे कहें : क्या हम मोहलत दिए जाने वाले हैं
- 26:204أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَतो क्या वे हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे हैं?
- 26:205أَفَرَءَيْتَ إِن مَّتَّعْنَٰهُمْ سِنِينَतो क्या आपने विचार किया यदि हम इन्हें कुछ वर्षों तक लाभ दें।
- 26:206ثُمَّ جَآءَهُم مَّا كَانُوا۟ يُوعَدُونَफिर उनपर वह (यातना) आ जाए, जिसका उनसे वादा किया जाता था।
- 26:207مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يُمَتَّعُونَतो उन्हें जो लाभ दिया जाता था, वह उनके किस काम आएगा?
- 26:208وَمَآ أَهْلَكْنَا مِن قَرْيَةٍ إِلَّا لَهَا مُنذِرُونَऔर हमने किसी बस्ती को विनष्ट नहीं किया, परंतु उसके लिए कई सावधान करने वाले थे।
- 26:209ذِكْرَىٰ وَمَا كُنَّا ظَٰلِمِينَयाद दिलाने के लिए। और हम अत्याचारी नहीं थे।
- 26:210وَمَا تَنَزَّلَتْ بِهِ ٱلشَّيَٰطِينُतथा इस (क़ुरआन) को लेकर शैतान नहीं उतरे।
- 26:211وَمَا يَنۢبَغِى لَهُمْ وَمَا يَسْتَطِيعُونَऔर न यह उनके योग्य है, और न वे ऐसा कर सकते हैं।
- 26:212إِنَّهُمْ عَنِ ٱلسَّمْعِ لَمَعْزُولُونَनिःसंदेह वे तो (इसके) सुनने ही से अलग कर दिए गए हैं।
- 26:213فَلَا تَدْعُ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ فَتَكُونَ مِنَ ٱلْمُعَذَّبِينَअतः आप अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य को न पुकारें, अन्यथा आप दंड पाने वालों में हो जाएँगे।
- 26:214وَأَنذِرْ عَشِيرَتَكَ ٱلْأَقْرَبِينَऔर आप अपने निकटतम रिश्तेदारों को डराएँ।
- 26:215وَٱخْفِضْ جَنَاحَكَ لِمَنِ ٱتَّبَعَكَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَऔर ईमान वालों में से जो आपका अनुसरण करे, उसके लिए अपना बाज़ू झुका दें।
- 26:216فَإِنْ عَصَوْكَ فَقُلْ إِنِّى بَرِىٓءٌ مِّمَّا تَعْمَلُونَफि यदि वे आपकी अवज्ञा करें, तो आप कह दें कि तुम जो कुछ कर रहे हो उसकी ज़िम्मेदारी से मैं बरी हूँ।
- 26:217وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱلْعَزِيزِ ٱلرَّحِيمِतथा उस सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् पर भरोसा करें।
- 26:218ٱلَّذِى يَرَىٰكَ حِينَ تَقُومُजो आपको देखता है, जब आप खड़े होते हैं।
- 26:219وَتَقَلُّبَكَ فِى ٱلسَّٰجِدِينَऔर सजदा करने वालों में आपके फिरने को भी।
- 26:220إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُनिःसंदेह वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
- 26:221هَلْ أُنَبِّئُكُمْ عَلَىٰ مَن تَنَزَّلُ ٱلشَّيَٰطِينُक्या मैं आपको बताऊँ कि शैतान किस पर उतरते हैं?
- 26:222تَنَزَّلُ عَلَىٰ كُلِّ أَفَّاكٍ أَثِيمٍवे हर बड़े झूठे और बड़े पापी पर उतरते हैं।
- 26:223يُلْقُونَ ٱلسَّمْعَ وَأَكْثَرُهُمْ كَٰذِبُونَवे सुनी हुई बात को (काहिनों तक) पहुँचा देते हैं, और उनमें से अधिकतर झूठे हैं।
- 26:224وَٱلشُّعَرَآءُ يَتَّبِعُهُمُ ٱلْغَاوُۥنَऔर कवि लोग, उनके पीछे भटके हुए लोग ही चलते हैं।
- 26:225أَلَمْ تَرَ أَنَّهُمْ فِى كُلِّ وَادٍ يَهِيمُونَक्या आपने नहीं देखा कि वे प्रत्येक वादी में भटकते फिरते हैं।
- 26:226وَأَنَّهُمْ يَقُولُونَ مَا لَا يَفْعَلُونَऔर यह कि निःसंदेह ऐसी बात कहते हैं, जो करते नहीं।
- 26:227إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ وَذَكَرُوا۟ ٱللَّهَ كَثِيرًا وَٱنتَصَرُوا۟ مِنۢ بَعْدِ مَا ظُلِمُوا۟ ۗ وَسَيَعْلَمُ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوٓا۟ أَىَّ مُنقَلَبٍ يَنقَلِبُونَसिवाय उन (कवियों) के, जो ईमान लाए, और अच्छे कर्म किए और अल्लाह को बहुत याद किया तथा बदला लिया, इसके बाद कि उनके ऊपर ज़ुल्म किया गया। तथा वे लोग, जिन्होंने अत्याचार किया, शीघ्र ही जान लेंगे कि वे किस जगह लौटकर जाएँगे।
सूरह सुनेंMishary Alafasy