ٱلتِّين
सूरह अत-तीन
The Fig
8 आयतेंमक्की
सूरह अत-तीन (التين, अर्थ: The Fig) क़ुरआन की 95वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 597 से शुरू होती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अत-तीन की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद
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- 95:1وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِक़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
- 95:2وَطُورِ سِينِينَएवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
- 95:3وَهَٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِऔर इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
- 95:4لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍनिःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।
- 95:5ثُمَّ رَدَدْنَٰهُ أَسْفَلَ سَٰفِلِينَफिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।
- 95:6إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍपरंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।
- 95:7فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِफिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?
- 95:8أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَٰكِمِينَक्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?
सूरह सुनेंMishary Alafasy