93. सूरह अज़ जुहा
The Morning Hours
ٱلضُّحَىٰ

सूरह अज़ जुहा

The Morning Hours
11 आयतेंमक्की

सूरह अज़ जुहा (الضحى, अर्थ: The Morning Hours) क़ुरआन की 93वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 11 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 596 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अज़ जुहा की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
  1. 93:1وَٱلضُّحَىٰकस़म है धूप चढ़ने के समय की!
  2. 93:2وَٱلَّيْلِ إِذَا سَجَىٰऔर क़सम है रात की, जब वह छा जाए।
  3. 93:3مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ(ऐ नबी!) तेरे पालनहार ने तुझे न तो छोड़ा और न नाराज़ हुआ।
  4. 93:4وَلَلَْٔاخِرَةُ خَيْرٌ لَّكَ مِنَ ٱلْأُولَىٰऔर निश्चित रूप से आख़िरत आपके लिए दुनिया से बेहतर है।
  5. 93:5وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰٓऔर निश्चय तेरा पालनहार तुझे प्रदान करेगा, तो तू प्रसन्न हो जाएगा।
  6. 93:6أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًا فََٔاوَىٰक्या उसने आपको अनाथ पाकर शरण नहीं दी?
  7. 93:7وَوَجَدَكَ ضَآلًّا فَهَدَىٰऔर आपको मार्ग से अनभिज्ञ पाया, तो सीधा मार्ग दिखाया।
  8. 93:8وَوَجَدَكَ عَآئِلًا فَأَغْنَىٰऔर उसने आपको निर्धन पाया, तो संपन्न कर दिया।
  9. 93:9فَأَمَّا ٱلْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْअतः आप अनाथ पर कठोरता न दिखाएँ।
  10. 93:10وَأَمَّا ٱلسَّآئِلَ فَلَا تَنْهَرْऔर माँगने वाले को न झिड़कें।
  11. 93:11وَأَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْऔर अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।
सूरह सुनेंMishary Alafasy