92. सूरह अल-लैल
The Night
ٱللَّيْل

सूरह अल-लैल

The Night
21 आयतेंमक्की

सूरह अल-लैल (الليل, अर्थ: The Night) क़ुरआन की 92वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 21 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 595 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-लैल की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
  1. 92:1وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰरात की क़सम, जब वह छा जाए।
  2. 92:2وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰऔर दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!
  3. 92:3وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلْأُنثَىٰٓतथा नर और मादा को पैदा करने की क़सम।
  4. 92:4إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰनिःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।
  5. 92:5فَأَمَّا مَنْ أَعْطَىٰ وَٱتَّقَىٰफिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।
  6. 92:6وَصَدَّقَ بِٱلْحُسْنَىٰऔर सबसे अच्छी बात को सत्य माना।
  7. 92:7فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْيُسْرَىٰतो निश्चय हम उसके लिए भलाई को आसान कर देंगे।
  8. 92:8وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسْتَغْنَىٰलेकिन वह (व्यक्ति) जिसने कंजूसी की और बेपरवाही बरती।
  9. 92:9وَكَذَّبَ بِٱلْحُسْنَىٰऔर सबसे अच्छी बात को झुठलाया।
  10. 92:10فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْعُسْرَىٰतो हम उसके लिए कठिनाई (बुराई का मार्ग) आसान कर देंगे।
  11. 92:11وَمَا يُغْنِى عَنْهُ مَالُهُۥٓ إِذَا تَرَدَّىٰٓऔर जब वह (जहन्नम के गड्ढे में) गिरेगा, तो उसका धन उसके किसी काम नहीं आएगा।
  12. 92:12إِنَّ عَلَيْنَا لَلْهُدَىٰनिःसंदेह हमारा ही ज़िम्मे मार्ग दिखाना है।
  13. 92:13وَإِنَّ لَنَا لَلَْٔاخِرَةَ وَٱلْأُولَىٰनिःसंदेह हमारे ही अधिकार में आख़िरत और दुनिया है।
  14. 92:14فَأَنذَرْتُكُمْ نَارًا تَلَظَّىٰअतः मैंने तुम्हें भड़कती आग से सावधान कर दिया है।
  15. 92:15لَا يَصْلَىٰهَآ إِلَّا ٱلْأَشْقَىजिसमें केवल सबसे बड़ा अभागा ही प्रवेश करेगा।
  16. 92:16ٱلَّذِى كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰजिसने झुठलाया तथा मुँह फेरा।
  17. 92:17وَسَيُجَنَّبُهَا ٱلْأَتْقَىऔर उससे उस व्यक्ति को बचा लिया जाएगा, जो सबसे ज़्यादा परहेज़गार है।
  18. 92:18ٱلَّذِى يُؤْتِى مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰजो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।
  19. 92:19وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُۥ مِن نِّعْمَةٍ تُجْزَىٰٓऔर उसपर किसी का कोई उपकार नहीं है, जिसका बदला चुकाया जाए।
  20. 92:20إِلَّا ٱبْتِغَآءَ وَجْهِ رَبِّهِ ٱلْأَعْلَىٰवह तो केवल अपने सर्वोच्च रब का चेहरा चाहता है।
  21. 92:21وَلَسَوْفَ يَرْضَىٰऔर निश्चय वह (बंदा) प्रसन्न हो जाएगा।
सूरह सुनेंMishary Alafasy