ٱلْفِيل
सूरह अल-फील
The Elephant
5 आयतेंमक्की
सूरह अल-फील (الفيل, अर्थ: The Elephant) क़ुरआन की 105वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 5 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 601 से शुरू होती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-फील की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद
शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
- 105:1أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَٰبِ ٱلْفِيلِक्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने हाथी वालों के साथ किस तरह किया?
- 105:2أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِى تَضْلِيلٍक्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?
- 105:3وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَऔर उनपर झुंड के झुंड पक्षी भेजे।
- 105:4تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍ مِّن سِجِّيلٍजो उनपर पकी हुई मिट्टी (खंगर) की कंकड़ियाँ फेंक रहे थे।
- 105:5فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَّأْكُولٍۭतो उसने उन्हें खाए हुए भूसे की तरह कर दिया।
सूरह सुनेंMishary Alafasy