ٱلْهُمَزَة
सूरह अल-हु-म-जह
The Traducer
9 आयतेंमक्की
सूरह अल-हु-म-जह (الهمزة, अर्थ: The Traducer) क़ुरआन की 104वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 9 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 601 से शुरू होती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-हु-म-जह की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद
शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
- 104:1وَيْلٌ لِّكُلِّ هُمَزَةٍ لُّمَزَةٍविनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।
- 104:2ٱلَّذِى جَمَعَ مَالًا وَعَدَّدَهُۥजिसने धन एकत्र किया और उसे गिन-गिन कर रखा।
- 104:3يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخْلَدَهُۥवह समझता है कि उसके धन ने उसे हमेशा रहने वाला बना दिया?
- 104:4كَلَّا ۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِى ٱلْحُطَمَةِकदापि नहीं, वह अवश्य 'ह़ुतमा' में फेंका जाएगा।
- 104:5وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلْحُطَمَةُऔर तुम क्या जानो कि वह 'हुतमा' क्या है?
- 104:6نَارُ ٱللَّهِ ٱلْمُوقَدَةُवह अल्लाह की भड़काई हुई आग है।
- 104:7ٱلَّتِى تَطَّلِعُ عَلَى ٱلْأَفِْٔدَةِजो दिलों तक जा पहुँचेगी।
- 104:8إِنَّهَا عَلَيْهِم مُّؤْصَدَةٌनिःसंदेह वह उनपर बंद कर दी जाएगी।
- 104:9فِى عَمَدٍ مُّمَدَّدَةٍۭलंबे-लंबे स्तंभों में।
सूरह सुनेंMishary Alafasy