110. सूरह अन-नस्र
The Divine Support
ٱلنَّصْر

सूरह अन-नस्र

The Divine Support
3 आयतेंमदनी

सूरह अन-नस्र (النصر, अर्थ: The Divine Support) क़ुरआन की 110वीं सूरह है। यह मदनी सूरह है जिसमें 3 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 603 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अन-नस्र की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

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  1. 110:1إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ(ऐ नबी!) जब अल्लाह की सहायता एवं विजय आ जाए।
  2. 110:2وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًاऔर आप लोगों को देखें कि वे अल्लाह के धर्म में दल के दल प्रवेश कर रहे हैं।
  3. 110:3فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢاतो आप अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करें और उससे क्षमा माँगें, निःसंदेह वह बहुत तौबा क़बूल करने वाला है।
सूरह सुनेंMishary Alafasy