ٱلْفَجْر
सूरह अल-फज्ऱ
The Dawn
30 आयतेंमक्की
सूरह अल-फज्ऱ (الفجر, अर्थ: The Dawn) क़ुरआन की 89वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 30 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 593 से शुरू होती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-फज्ऱ की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद
शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
- 89:1وَٱلْفَجْرِक़सम है फ़ज्र (उषाकाल) की!
- 89:2وَلَيَالٍ عَشْرٍतथा दस रातों की!
- 89:3وَٱلشَّفْعِ وَٱلْوَتْرِऔर सम (जोड़े) और विषम (अकेले) की!
- 89:4وَٱلَّيْلِ إِذَا يَسْرِऔर रात की, जब वह चलती है!
- 89:5هَلْ فِى ذَٰلِكَ قَسَمٌ لِّذِى حِجْرٍनिश्चय इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी क़सम है?
- 89:6أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِعَادٍक्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने "आद" के साथ किस तरह किया?
- 89:7إِرَمَ ذَاتِ ٱلْعِمَادِ(वे आद) जो स्तंभों वाले 'इरम' (गोत्र के लोग) थे।
- 89:8ٱلَّتِى لَمْ يُخْلَقْ مِثْلُهَا فِى ٱلْبِلَٰدِजिनके समान (दुनिया के) शहरों में कोई पैदा नहीं किया गया।
- 89:9وَثَمُودَ ٱلَّذِينَ جَابُوا۟ ٱلصَّخْرَ بِٱلْوَادِतथा 'समूद' के साथ (किस तरह किया) जिन्होंने वादी में चट्टानों को तराशा।
- 89:10وَفِرْعَوْنَ ذِى ٱلْأَوْتَادِऔर मेखों वाले फ़िरऔन के साथ (किस तरह किया)।
- 89:11ٱلَّذِينَ طَغَوْا۟ فِى ٱلْبِلَٰدِवे लोग, जो नगरों में हद से बढ़ गए।
- 89:12فَأَكْثَرُوا۟ فِيهَا ٱلْفَسَادَऔर उनमें बहुत अधिक उपद्रव फैलाया।
- 89:13فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍतो तेरे पालनहार ने उनपर यातना का कोड़ा बरसाया।
- 89:14إِنَّ رَبَّكَ لَبِٱلْمِرْصَادِनिःसंदेह तेरा पालनहार निश्चय घात में है।
- 89:15فَأَمَّا ٱلْإِنسَٰنُ إِذَا مَا ٱبْتَلَىٰهُ رَبُّهُۥ فَأَكْرَمَهُۥ وَنَعَّمَهُۥ فَيَقُولُ رَبِّىٓ أَكْرَمَنِलेकिन मनुष्य (का हाल यह है कि) जब उसका पालनहार उसका परीक्षण करे, फिर उसे सम्मानित करे और नेमत प्रदान करे, तो कहता है कि मेरे पालनहार ने मुझे सम्मानित किया।
- 89:16وَأَمَّآ إِذَا مَا ٱبْتَلَىٰهُ فَقَدَرَ عَلَيْهِ رِزْقَهُۥ فَيَقُولُ رَبِّىٓ أَهَٰنَنِलेकिन जब वह उसका परीक्षण करे, फिर उसपर उसकी रोज़ी तंग कर दे, तो कहता कि मेरे पालनहार ने मुझे अपमानित किया।
- 89:17كَلَّا ۖ بَل لَّا تُكْرِمُونَ ٱلْيَتِيمَहरगिज़ ऐसा नहीं, बल्कि तुम अनाथ का सम्मान नहीं करते।
- 89:18وَلَا تَحَٰٓضُّونَ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِतथा तुम एक-दूसरे को ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते हो।
- 89:19وَتَأْكُلُونَ ٱلتُّرَاثَ أَكْلًا لَّمًّاऔर तुम मीरास का सारा धन समेटकर खा जाते हो।
- 89:20وَتُحِبُّونَ ٱلْمَالَ حُبًّا جَمًّاऔर तुम धन से बहुत अधिक प्रेम करते हो।
- 89:21كَلَّآ إِذَا دُكَّتِ ٱلْأَرْضُ دَكًّا دَكًّاहरगिज़ नहीं! जब धरती कूट-कूटकर चूर्ण-विचूर्ण कर दी जाएगी।
- 89:22وَجَآءَ رَبُّكَ وَٱلْمَلَكُ صَفًّا صَفًّاऔर तेरा पालनहार आएगा और फ़रिश्ते जो पंक्तियों में होंगे।
- 89:23وَجِا۟ىٓءَ يَوْمَئِذٍۭ بِجَهَنَّمَ ۚ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ ٱلْإِنسَٰنُ وَأَنَّىٰ لَهُ ٱلذِّكْرَىٰऔर उस दिन नरक लाई जाएगी। उस दिन इनसान याद करेगा। लेकिन उस दिन याद करना उसे कहाँ से लाभ देगा।
- 89:24يَقُولُ يَٰلَيْتَنِى قَدَّمْتُ لِحَيَاتِىवह कहेगा : ऐ काश! मैंने अपने (इस) जीवन के लिए कुछ आगे भेजा होता।
- 89:25فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهُۥٓ أَحَدٌचुनाँचे उस दिन उस (अल्लाह) के दंड जैसा दंड कोई नहीं देगा।
- 89:26وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُۥٓ أَحَدٌऔर न उसके बाँधने जैसा कोई बाँधेगा।
- 89:27يَٰٓأَيَّتُهَا ٱلنَّفْسُ ٱلْمُطْمَئِنَّةُऐ संतुष्ट आत्मा!
- 89:28ٱرْجِعِىٓ إِلَىٰ رَبِّكِ رَاضِيَةً مَّرْضِيَّةًअपने पालनहार की ओर लौट चल, इस हाल में कि तू उससे प्रसन्न है, उसके निकट पसंदीदा है।
- 89:29فَٱدْخُلِى فِى عِبَٰدِىअतः तू मेरे बंदों में प्रवेश कर जा।
- 89:30وَٱدْخُلِى جَنَّتِىऔर मेरी जन्नत में प्रवेश कर जा।
सूरह सुनेंMishary Alafasy