88. सूरह अल-गाशियह
The Overwhelming
ٱلْغَاشِيَة

सूरह अल-गाशियह

The Overwhelming
26 आयतेंमक्की

सूरह अल-गाशियह (الغاشية, अर्थ: The Overwhelming) क़ुरआन की 88वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 26 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 592 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-गाशियह की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
  1. 88:1هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْغَٰشِيَةِक्या तेरे पास ढाँपने लेने वाली (क़ियामत) की ख़बर पहुँची?
  2. 88:2وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ خَٰشِعَةٌउस दिन कई चेहरे अपमानित होंगे।
  3. 88:3عَامِلَةٌ نَّاصِبَةٌकठिन परिश्रम करने वाले, थक जाने वाले।
  4. 88:4تَصْلَىٰ نَارًا حَامِيَةًवे गर्म धधकती आग में प्रवेश करेंगे।
  5. 88:5تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ ءَانِيَةٍउन्हें खौलते सोते का जल पिलाया जाएगा।
  6. 88:6لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍउनके लिए कांटेदार झाड़ के सिवा कोई खाना नहीं होगा।
  7. 88:7لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِى مِن جُوعٍजो न मोटा करेगा और न भूख मिटाएगा।
  8. 88:8وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌउस दिन कई चेहरे प्रफुल्लित होंगे।
  9. 88:9لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌअपने प्रयास पर प्रसन्न होंगे।
  10. 88:10فِى جَنَّةٍ عَالِيَةٍऊँची जन्नत में होंगे।
  11. 88:11لَّا تَسْمَعُ فِيهَا لَٰغِيَةًउसमें कोई बेकार (अशिष्ट) बात नहीं सुनेंगे।
  12. 88:12فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌउसमें बहने वाले स्रोत (चश्मे) हैं।
  13. 88:13فِيهَا سُرُرٌ مَّرْفُوعَةٌउसमें ऊँचे-ऊँचे तख्त हैं।
  14. 88:14وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌऔर (पीने वालों के लिए तैयार) रखे हुए प्याले हैं।
  15. 88:15وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌऔर क्रम में लगे हुए गाव-तकिए हैं।
  16. 88:16وَزَرَابِىُّ مَبْثُوثَةٌऔर बिछाए हुए क़ालीन हैं।
  17. 88:17أَفَلَا يَنظُرُونَ إِلَى ٱلْإِبِلِ كَيْفَ خُلِقَتْक्या वे ऊँटों को नहीं देखते कि वे कैसे पैदा किए गए हैं?
  18. 88:18وَإِلَى ٱلسَّمَآءِ كَيْفَ رُفِعَتْऔर आकाश को (नहीं देखते) कि उसे कैसे ऊँचा किया गया?
  19. 88:19وَإِلَى ٱلْجِبَالِ كَيْفَ نُصِبَتْऔर पर्वतों को (नहीं देखते) कि कैसे गाड़े गए हैं?
  20. 88:20وَإِلَى ٱلْأَرْضِ كَيْفَ سُطِحَتْतथा धरती को (नहीं देखते) कि कैसे बिछाई गई है?
  21. 88:21فَذَكِّرْ إِنَّمَآ أَنتَ مُذَكِّرٌअतः आप नसीहत करें, आप केवल नसीहत करने वाले हैं।
  22. 88:22لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍआप उनपर कोई दरोग़ा (नियंत्रक) नहीं हैं।
  23. 88:23إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَपरंतु जिसने मुँह फेरा और कुफ़्र किया।
  24. 88:24فَيُعَذِّبُهُ ٱللَّهُ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَكْبَرَतो अल्लाह उसे सबसे बड़ी यातना देगा।
  25. 88:25إِنَّ إِلَيْنَآ إِيَابَهُمْनिःसंदेह हमारी ही ओर उनका लौटकर आना है।
  26. 88:26ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا حِسَابَهُمफिर बेशक हमारे ही ज़िम्मे उनका ह़िसाब लेना है।
सूरह सुनेंMishary Alafasy