82. सूरह अल-इन्फितार
The Cleaving
ٱلْإِنْفِطَار

सूरह अल-इन्फितार

The Cleaving
19 आयतेंमक्की

सूरह अल-इन्फितार (الإنفطار, अर्थ: The Cleaving) क़ुरआन की 82वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 19 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 587 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-इन्फितार की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

शब्दार्थ, उच्चारण और तफ़सीर के लिए कोई भी आयत खोलें।
  1. 82:1إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنفَطَرَتْजब आकाश फट जाएगा।
  2. 82:2وَإِذَا ٱلْكَوَاكِبُ ٱنتَثَرَتْतथा जब तारे झड़ जाएँगे।
  3. 82:3وَإِذَا ٱلْبِحَارُ فُجِّرَتْऔर जब समुद्र बह निकलेंगे।
  4. 82:4وَإِذَا ٱلْقُبُورُ بُعْثِرَتْऔर जब क़बरें उलट दी जाएँगी।
  5. 82:5عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْतब प्रत्येक प्राणी जान लेगा, जो उसने आगे भेजा और जो पीछे छोड़ा।
  6. 82:6يَٰٓأَيُّهَا ٱلْإِنسَٰنُ مَا غَرَّكَ بِرَبِّكَ ٱلْكَرِيمِऐ इनसान! तुझे किस चीज़ ने तेरे उदार पालनहार से बहका दिया?
  7. 82:7ٱلَّذِى خَلَقَكَ فَسَوَّىٰكَ فَعَدَلَكَजिसने तेरी रचना की, फिर तुझे ठीक ठाक किया, फिर तुझे संतुलित बनाया।
  8. 82:8فِىٓ أَىِّ صُورَةٍ مَّا شَآءَ رَكَّبَكَजिस रूप में भी उसने चाहा, तुझे बना दिया।
  9. 82:9كَلَّا بَلْ تُكَذِّبُونَ بِٱلدِّينِहरगिज़ नहीं, बल्कि तुम बदले (के दिन) को झुठलाते हो।
  10. 82:10وَإِنَّ عَلَيْكُمْ لَحَٰفِظِينَहालाँकि निःसंदेह तुमपर निगेहबान नियुक्त हैं।
  11. 82:11كِرَامًا كَٰتِبِينَजो सम्माननीय लिखने वाले हैं।
  12. 82:12يَعْلَمُونَ مَا تَفْعَلُونَवे जानते हैं, जो तुम करते हो।
  13. 82:13إِنَّ ٱلْأَبْرَارَ لَفِى نَعِيمٍनिःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
  14. 82:14وَإِنَّ ٱلْفُجَّارَ لَفِى جَحِيمٍऔर निःसंदेह दुराचारी लोग जहन्नम में होंगे।
  15. 82:15يَصْلَوْنَهَا يَوْمَ ٱلدِّينِवे उसमें बदले के दिन प्रवेश करेंगे।
  16. 82:16وَمَا هُمْ عَنْهَا بِغَآئِبِينَऔर वे उससे कभी ग़ायब होने वाले नहीं हैं।
  17. 82:17وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا يَوْمُ ٱلدِّينِऔर आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
  18. 82:18ثُمَّ مَآ أَدْرَىٰكَ مَا يَوْمُ ٱلدِّينِफिर आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
  19. 82:19يَوْمَ لَا تَمْلِكُ نَفْسٌ لِّنَفْسٍ شَئًْا ۖ وَٱلْأَمْرُ يَوْمَئِذٍ لِّلَّهِजिस दिन कोई प्राणी किसी प्राणी के लिए किसी चीज़ का अधिकार न रखेगा और उस दिन आदेश केवल अल्लाह का होगा।
सूरह सुनेंMishary Alafasy