ٱلْمُطَفِّفِين
सूरह अल-मुतफ्फिफिन
The Defrauding
36 आयतेंमक्की
सूरह अल-मुतफ्फिफिन (المطففين, अर्थ: The Defrauding) क़ुरआन की 83वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 36 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 587 से शुरू होती है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-मुतफ्फिफिन की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद
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- 83:1وَيْلٌ لِّلْمُطَفِّفِينَविनाश है नाप-तौल में कमी करने वालों के लिए।
- 83:2ٱلَّذِينَ إِذَا ٱكْتَالُوا۟ عَلَى ٱلنَّاسِ يَسْتَوْفُونَवे लोग कि जब लोगों से नापकर लेते हैं, तो पूरा लेते हैं।
- 83:3وَإِذَا كَالُوهُمْ أَو وَّزَنُوهُمْ يُخْسِرُونَऔर जब उन्हें नापकर या तौलकर देते हैं, तो कम देते हैं।
- 83:4أَلَا يَظُنُّ أُو۟لَٰٓئِكَ أَنَّهُم مَّبْعُوثُونَक्या वे लोग विश्वास नहीं रखते कि वे (मरने के बाद) उठाए जाने वाले हैं?
- 83:5لِيَوْمٍ عَظِيمٍएक बहुत बड़े दिन के लिए।
- 83:6يَوْمَ يَقُومُ ٱلنَّاسُ لِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَजिस दिन लोग सर्व संसार के पालनहार के सामने खड़े होंगे।
- 83:7كَلَّآ إِنَّ كِتَٰبَ ٱلْفُجَّارِ لَفِى سِجِّينٍहरगिज़ नहीं, निःसंदेह दुराचारियों का कर्म-पत्र "सिज्जीन" में है।
- 83:8وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا سِجِّينٌऔर तुम क्या जानो कि 'सिज्जीन' क्या है?
- 83:9كِتَٰبٌ مَّرْقُومٌवह एक लिखित पुस्तक है।
- 83:10وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَउस दिन झुठलाने वालों के लिए विनाश है।
- 83:11ٱلَّذِينَ يُكَذِّبُونَ بِيَوْمِ ٱلدِّينِजो बदले के दिन को झुठलाते हैं।
- 83:12وَمَا يُكَذِّبُ بِهِۦٓ إِلَّا كُلُّ مُعْتَدٍ أَثِيمٍतथा उसे केवल वही झुठलाता है, जो सीमा का उल्लंघन करने वाला, बड़ा पापी है।
- 83:13إِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِ ءَايَٰتُنَا قَالَ أَسَٰطِيرُ ٱلْأَوَّلِينَजब उसके सामने हमारी आयतों को पढ़ा जाता है, तो कहता है : यह पहले लोगों की कहानियाँ हैं।
- 83:14كَلَّا ۖ بَلْ ۜ رَانَ عَلَىٰ قُلُوبِهِم مَّا كَانُوا۟ يَكْسِبُونَहरगिज़ नहीं, बल्कि जो कुछ वे कमाते थे, वह ज़ंग बनकर उनके दिलों पर छा गया है।
- 83:15كَلَّآ إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَहरगिज़ नहीं, निश्चय वे उस दिन अपने पालनहार (के दर्शन) से रोक दिए जाएँगे।
- 83:16ثُمَّ إِنَّهُمْ لَصَالُوا۟ ٱلْجَحِيمِफिर निःसंदेह वे अवश्य जहन्नम में प्रवेश करने वाले हैं।
- 83:17ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَफिर कहा जाएगा : यही है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
- 83:18كَلَّآ إِنَّ كِتَٰبَ ٱلْأَبْرَارِ لَفِى عِلِّيِّينَहरगिज़ नहीं, निःसंदेह नेक लोगों का कर्म-पत्र निश्चय "इल्लिय्यीन" में है।
- 83:19وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا عِلِّيُّونَऔर तुम क्या जानो कि 'इल्लिय्यीन' क्या है?
- 83:20كِتَٰبٌ مَّرْقُومٌवह एक लिखित पुस्तक है।
- 83:21يَشْهَدُهُ ٱلْمُقَرَّبُونَजिसके पास समीपवर्ती (फरिश्ते) उपस्थित रहते हैं।
- 83:22إِنَّ ٱلْأَبْرَارَ لَفِى نَعِيمٍनिःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
- 83:23عَلَى ٱلْأَرَآئِكِ يَنظُرُونَतख़्तों पर (बैठे) देख रहे होंगे।
- 83:24تَعْرِفُ فِى وُجُوهِهِمْ نَضْرَةَ ٱلنَّعِيمِतुम उनके चेहरों पर नेमत की ताज़गी का आभास करोगे।
- 83:25يُسْقَوْنَ مِن رَّحِيقٍ مَّخْتُومٍउन्हें मुहर लगी शुद्ध शराब पिलाई जाएगी।
- 83:26خِتَٰمُهُۥ مِسْكٌ ۚ وَفِى ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ ٱلْمُتَنَٰفِسُونَउसकी मुहर कस्तूरी की होगी। अतः प्रतिस्पर्धा करने वालों को इसी (की प्राप्ति) के लिए प्रतिस्पर्धा करना चाहिए।
- 83:27وَمِزَاجُهُۥ مِن تَسْنِيمٍउसमें 'तसनीम' की मिलावट होगी।
- 83:28عَيْنًا يَشْرَبُ بِهَا ٱلْمُقَرَّبُونَवह एक स्रोत है, जिससे समीपवर्ती लोग पिएँगे।
- 83:29إِنَّ ٱلَّذِينَ أَجْرَمُوا۟ كَانُوا۟ مِنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ يَضْحَكُونَनिःसंदेह जो लोग अपराधी हैं, वे (दुनिया में) ईमान लाने वालों पर हँसा करते थे।
- 83:30وَإِذَا مَرُّوا۟ بِهِمْ يَتَغَامَزُونَऔर जब वे उनके पास से गुज़रते, तो आपस में आँखों से इशारे किया करते थे।
- 83:31وَإِذَا ٱنقَلَبُوٓا۟ إِلَىٰٓ أَهْلِهِمُ ٱنقَلَبُوا۟ فَكِهِينَऔर जब अपने घर वालों की ओर लौटते, तो (मोमिनों के परिहास का) आनंद लेते हुए लौटते थे।
- 83:32وَإِذَا رَأَوْهُمْ قَالُوٓا۟ إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ لَضَآلُّونَऔर जब वे उन (मोमिनों) को देखते, तो कहते थे : निःसंदेह ये लोग निश्चय भटके हुए हैं।
- 83:33وَمَآ أُرْسِلُوا۟ عَلَيْهِمْ حَٰفِظِينَहालाँकि वे उनपर निरीक्षक बनाकर नहीं भेजे गए थे।
- 83:34فَٱلْيَوْمَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ مِنَ ٱلْكُفَّارِ يَضْحَكُونَतो आज वे लोग जो ईमान लाए, काफ़िरों पर हँस रहे हैं।
- 83:35عَلَى ٱلْأَرَآئِكِ يَنظُرُونَतख़्तों पर बैठे देख रहे हैं।
- 83:36هَلْ ثُوِّبَ ٱلْكُفَّارُ مَا كَانُوا۟ يَفْعَلُونَक्या काफ़िरों को उसका बदला मिल गया, जो वे किया करते थे?
सूरह सुनेंMishary Alafasy