101. सूरह अल-कारियह
The Calamity
ٱلْقَارِعَة

सूरह अल-कारियह

The Calamity
11 आयतेंमक्की

सूरह अल-कारियह (القارعة, अर्थ: The Calamity) क़ुरआन की 101वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है जिसमें 11 आयतें हैं, और यह पारा 30 में मदनी मुसहफ़ के पृष्ठ 600 से शुरू होती है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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सूरह अल-कारियह की सभी आयतें — अरबी और हिंदी अनुवाद

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  1. 101:1ٱلْقَارِعَةُवह खड़खड़ा देने वाली।
  2. 101:2مَا ٱلْقَارِعَةُक्या है वह खड़खड़ा देने वाली?
  3. 101:3وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلْقَارِعَةُऔर तुम क्या जानो कि वह खड़खड़ा देने वाली क्या है?
  4. 101:4يَوْمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلْفَرَاشِ ٱلْمَبْثُوثِजिस दिन लोग बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
  5. 101:5وَتَكُونُ ٱلْجِبَالُ كَٱلْعِهْنِ ٱلْمَنفُوشِऔर पर्वत धुने हुए रंगीन ऊन की तरह हो जाएँगे।
  6. 101:6فَأَمَّا مَن ثَقُلَتْ مَوَٰزِينُهُۥतो जिसके पलड़े भारी हो गए,
  7. 101:7فَهُوَ فِى عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍतो वह संतोषजनक जीवन में होगा।
  8. 101:8وَأَمَّا مَنْ خَفَّتْ مَوَٰزِينُهُۥतथा जिसके पलड़े हल्के हो गए,
  9. 101:9فَأُمُّهُۥ هَاوِيَةٌउसका ठिकाना 'हाविया' (गड्ढा) है।
  10. 101:10وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا هِيَهْऔर तुम क्या जानो कि वह ('हाविया') क्या है?
  11. 101:11نَارٌ حَامِيَةٌۢवह एक बहुत गर्म आग है।
सूरह सुनेंMishary Alafasy